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Sampurn Shiv Puran Archiv

261 Episoden
11 Minuten
"शिवजी के द्वादश ज्योतिर्लिगावतारों का सविस्तार वर्णन"
18 Minuten
"अर्जुन और शिवदूत का वार्तालाप, किरातवेषधारी शिवजी के साथ अर्जुन का युद्ध, पहचानने पर अर्जुन द्वारा शिव-स्तुति, शिवजी का अर्जुन को वरदान देकर अन्तर्धान होना, अर्जुन का आश्रम पर लौट कर भाइयों से मिलना, श्रीकृष्ण का अर्जुन से मिलने के लिये वहाँ पधारना"
10 Minuten
"किरातावतार के प्रसंग में मूक नामक दैत्य का शूकर रूप धारण करके अर्जुन के पास आना, शिवजी का किरात वेष में प्रकट होना, और अर्जुन तथा किरात वेषधारी शिव द्वारा उस दैत्य का वध"
9 Minuten
"शिवजी के किरातावतार के प्रसंग में श्रीकृष्ण द्वारा द्वैत-वन में दुर्वासा के शापसे पाण्डवों की रक्षा, व्यासजी का अर्जुन को शक्र-विद्या और पार्थिव पूजन की विधि बता कर तप के लिये सम्मति देना, अर्जुन का इन्द्र-कील पर्वत पर तप, इन्द्र का आगमन और अर्जुन को वरदान, अर्जुन का शिवजी के उद्देश्य से पुनः तप में प्रवृत्त होना"
6 Minuten
"शिव के सुरेश्वरावतार की कथा, उपमन्यु की तपस्या, और उन्हें उत्तम वर की प्राप्ति"
11 Minuten
"भगवान् शिव के भिक्षुवर्यावतार की कथा राजकुमार और द्विजकुमार पर कृपा"
6 Minuten
"भगवान शिव के अवधूतेश्वर अवतार की कथा और उसकी महिमा का वर्णन"
8 Minuten
"भगवान शिव के कृष्ण दर्शन नामक अवतार की कथा"
6 Minuten
"भगवान शिव का यतिनाथ एवम हंस नामक अवतार"
10 Minuten
"भगवान् शिव के द्विजेश्वरावतार की कथा-राजा भद्रायु तथा रानी कीर्तिमालिनी की धार्मिक दृढ़ता की परीक्षा"
11 Minuten
"शिवजी के पिप्पलाद-अवतार के प्रसंग में देवताओं की दधीचि मुनि से अस्थि याचना, दधीचि का शरीरत्याग, वज्र-निर्माण तथा उसके द्वारा वृत्रासुर का वध, सुवर्चा का देवताओं को शाप, पिप्पलाद का जन्म और उनका विस्तृत वृत्तान्त"
6 Minuten
"शिवजी के दुर्वासावतार एवं हनुमदावतार का वर्णन"
9 Minuten
"शिवजी के महाकाल आदि दस अवतारों का तथा गयारह रुद्र अवतारों का वर्णन"
16 Minuten
"शिवजी का शुचिष्मती के गर्भ से प्राकट्य, ब्रह्मा द्वारा बालक का संस्कार कर के ‘गृहपति’ नाम रखा जाना, नारद जी द्वारा उसका भविष्य-कथन, पिता की आज्ञा से गृहपति का काशी में जाकर तप करना, इन्द्र का वर देने के लिये प्रकट होना, गृहपति का उन्हें ठुकराना, शिवजी का प्रकट होकर उन्हें वरदान देकर दिक्पाल पद प्रदान करना तथा अग्नीश्वरलिंग और अग्नि का माहात्म्य"
11 Minuten
"काल-भैरव का माहात्म्य, विश्वानर की तपस्या और शिव जी का प्रसन्न होकर उनकी पत्नी शुचिष्पती के गर्भ से उनके पुत्र रूप में प्रकट होने का उन्हें वरदान देना"