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Sampurn Shiv Puran Archiv

261 Episoden
6 Minuten
"साधक-संस्कार और मन्त्र-माहात्म्य का वर्णन"
16 Minuten
"समय-संस्कार या समयाचार की दीक्षा की विधि"
10 Minuten
"त्रिविध दीक्षा का निरूपण, शक्तिपात की आवश्यकता तथा उसके लक्षणोंका वर्णन, गुरुका महत्त्व, ज्ञानी गुरु से ही मोक्ष की प्राप्ति तथा गुरु के द्वारा शिष्य की परीक्षा"
17 Minuten
"गुरु से मंत्र लेने तथा उसके जप करने की विधि, पाँच प्रकार के जप तथा उनकी महिमा, मंत्र गणना के लिए विभिन्न प्रकार की मालाओं का महत्व तथा अँगुलियों के उपयोग का वर्णन, जप के लिए उपयोगी स्थान तथा दिशा, जप में वर्जनीय बातें, सदाचार का महत्व, आस्तिकता की प्रशंशा, तथा पंचाक्षर मंत्र की विशेषता का प्रतिपादन"
15 Minuten
"पंचाक्षर-मन्त्र की महिमा, उसमें समस्त वाङ्मय की स्थिति, उसकी उपदेशपरम्परा, देवीरूपा पंचाक्षरीविद्या का ध्यान, उसके समस्त और व्यस्त अक्षरों के ऋषि, छन्द, देवता, बीज, शक्ति तथा अंगन्यास आदि का विचार"
9 Minuten
"पंचाक्षर-मन्त्र के माहात्म्य का वर्णन"
10 Minuten
"वर्णाश्रम-धर्म तथा नारी-धर्म का वर्णन; शिव के भजन, चिन्तन एवं ज्ञान की महत्ता का प्रतिपादन"
14 Minuten
"भगवान् शिवके प्रति श्रद्धा-भक्ति की आवश्यकता का प्रतिपादन, शिवधर्म के चार पादों का वर्णन एवं ज्ञानयोग के साधनों तथा शिवधर्म के अधिकारियों का निरूपण, शिवपूजन के अनेक प्रकार एवं अनन्यचित्त से भजन की महिमा"
5 Minuten
"शिव के अवतार, योगाचार्यों तथा उनके शिष्यों की नामावली"
11 Minuten
"शिव-ज्ञान, शिव की उपासना से देवताओं को उनका दर्शन, सूर्यदेव में शिव की पूजा करके अर्घ्यदान की विधि तथा व्यासावतारों का वर्णन"
9 Minuten
"परमेश्वर की शक्ति का ऋषियों द्वारा साक्षात्कार, शिव के प्रसाद से प्राणियों की मुक्ति, शिव की सेवा भक्ति तथा पाँच प्रकार के शिव-धर्म का वर्णन"
7 Minuten
"शिव के शुद्ध, बुद्ध, मुक्त, सर्वमय, सर्वव्यापक एवं सर्वातीत स्वरूप का तथा उनकी प्रणवरूपता का प्रतिपादन"
8 Minuten
"परमेश्वर शिव के यथार्थ स्वरूप का विवेचन तथा उनकी शरण में जाने से जीव के कल्याण का कथन"