Sampurn Shiv Puran Archiv
261 Episoden
9 Minuten
"सप्तर्षियों के समझाने तथा मेरु आदि के कहने से पत्नी सहित हिमवान का
शिव के साथ अपनी पुत्री के विवाह का निश्चय करना तथा सप्तर्षियों का
शिव के पास जा उन्हें सब बात बताकर अपने धाम को जाना"
शिव के साथ अपनी पुत्री के विवाह का निश्चय करना तथा सप्तर्षियों का
शिव के पास जा उन्हें सब बात बताकर अपने धाम को जाना"
15 Minuten
"मेना का कोप-भवन में प्रवेश, भगवान् शिव का हिमवान का पास सप्तर्षियों को भेजना तथा हिमवान द्वारा उनका सत्कार, सप्तर्षियों तथा अरुन्धती का
और महर्षि वसिष्ठ का मेना और हिमवान को समझाकर पार्वती का विवाह भगवान् शिव के साथ करने के लिये कहना"
और महर्षि वसिष्ठ का मेना और हिमवान को समझाकर पार्वती का विवाह भगवान् शिव के साथ करने के लिये कहना"
7 Minuten
"देवताओं के अनुरोध से वैष्णव ब्राह्मण के वेष में शिवजी का हिमवान के
घर जाना और शिव की निन्दा करके पार्वती का
विवाह उनके साथ न करने को कहना"
घर जाना और शिव की निन्दा करके पार्वती का
विवाह उनके साथ न करने को कहना"
9 Minuten
"पार्वती का पिता के घर में सत्कार, महादेव जी की नट-लीला का चमत्कार,
उनका मेना आदि से पार्वती को माँगना और माता-पिता के
इनकार करने पर अन्तर्धान हो जाना"
उनका मेना आदि से पार्वती को माँगना और माता-पिता के
इनकार करने पर अन्तर्धान हो जाना"
9 Minuten
"शिव और पार्वतीकी बातचीत, शिवका पार्वतीके अनुरोधको स्वीकार करना"
10 Minuten
"पार्वती जी का परमेश्वर शिव की महत्ता का प्रतिपादन करना, रोष पूर्वक जटिल ब्राह्मण को फटकारना, सखी द्वारा उन्हें फिर बोलने से रोकना तथा भगवान् शिव का उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दे अपने साथ चलने के लिये कहना"
8 Minuten
"पार्वती की बात सुन कर जटाधारी ब्राह्मण का शिव की निन्दा करते
हुए पार्वती को उनकी ओर से मन को हटा लेने का आदेश देना"
हुए पार्वती को उनकी ओर से मन को हटा लेने का आदेश देना"
8 Minuten
"भगवान् शंकर का जटिल तपस्वी ब्राह्मण के रूप में पार्वती के आश्रम पर
जाना, उनसे सत्कृत हो उनकी तपस्या का कारण पूछना तथा
पार्वतीजी का अपनी सखी विजया से सब कुछ कहलाना"
जाना, उनसे सत्कृत हो उनकी तपस्या का कारण पूछना तथा
पार्वतीजी का अपनी सखी विजया से सब कुछ कहलाना"
12 Minuten
"भगवान् शिव की आज्ञा से सप्तर्षियों का पार्वती के आश्रम पर जा उनके शिव विषयक अनुराग की परीक्षा करना और भगवान् को सब वृत्तान्त बताकर स्वर्ग को जाना"
12 Minuten
"देवताओं का भगवान् शिव से पार्वती के साथ विवाह करने का अनुरोध, भगवान् का विवाह के दोष बताकर अस्वीकार करना तथा उनके पुनः प्रार्थना करने पर स्वीकार कर लेना"
9 Minuten
"पार्वती की तपस्याविषयक दृढ़ता, उनका पहले से भी उग्र तप, उससे त्रिलोकी का संतप्त होना तथा समस्त देवताओं के साथ ब्रह्मा और विष्णु का भगवान् शिव के स्थान पर जाना"
9 Minuten
"श्री शिव की आराधना के लिये पार्वती जी की दुष्कर तपस्या"
13 Minuten
"ब्रह्माजी का शिव की क्रोधाग्नि को वडवानल की संज्ञा दे समुद्र में स्थापित करके संसार के भय को दूर करना, शिव के विरह से पार्वती का शोक तथा नारद जी के द्वारा उन्हें तपस्या के लिये उपदेशपूर्वक पंचाक्षर मन्त्र की प्राप्ति"
10 Minuten
"रुद्र की नेत्राग्नि से काम का भस्म होना, रति का विलाप, देवताओं की प्रार्थना से शिव का काम को द्वापर में प्रद्युम्न रूप से नूतन शरीर की प्राप्ति के लिये वर देना और रति का शम्बर-नगर में जाना"
6 Minuten
"इन्द्र द्वारा काम का स्मरण, उसके साथ उनकी बातचीत तथा उनके कहने से काम का शिव को मोहने के लिये प्रस्थान"